अजय कुमार कुशवाहा
ब्यूरो साहिबगंज
बरहरवा प्रखंड क्षेत्र के पलासबोना गांव में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खेत में खड़ी गेहूं की लहलहाती फसल में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कई एकड़ में फैली फसल को अपनी चपेट में ले लिया। इस अगलगी में किसानों की महीनों की मेहनत और पूंजी कुछ ही मिनटों में जलकर खाक हो गई।आग की लपटें और धुआं उठता देख भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। बिना किसी सरकारी मदद का इंतजार किए, ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने बाल्टियों से पानी डालकर और पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाने की जी-तोड़ कोशिश की, ताकि आसपास के अन्य खेतों को इस तबाही से बचाया जा सके।
हैरानी की बात यह है कि आग कैसे लगी, इसका सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। ग्रामीण और पीड़ित किसान इस अनहोनी से स्तब्ध हैं। कुछ लोग इसे शॉर्ट सर्किट का नतीजा मान रहे हैं, तो कुछ किसी की लापरवाही की आशंका जता रहे हैं। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।फसल कटाई का समय नजदीक था और किसानों को इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी। लेकिन इस प्राकृतिक आपदा (अगलगी) ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है ताकि वे इस आर्थिक नुकसान से उबर सकें।
